(मुरसलीम खान)

छतरपुर। पिछले एक सप्ताह से मृत प्राय: हो चुके शहर के तालाबों के संबंध में समाजसेवियों द्वारा अनूठा प्रदर्शन किया जा रहा है। तालाबों की अर्थी निकालकर शोक सभा की गई थी। इसके बाद दिवंगत व्यक्ति की तरह तालाबों की भी अस्थियों का संचय किया गया जिन्हें बीते रोज इलाहाबाद के संगम में विसर्जित किया गया है। संगम क्षेत्र में तालाबों की अस्थियां विसर्जन की घटना खासी चर्चाओं में रही। 

समाजसेवी सौरभ तिवारी ने बताया कि बीते रोज सभी तालाबों की अस्थियां प्रतीक रूप में मिट्टी के घड़े में रखकर इलाहाबाद ले जायीं गईं जहां इन्हें संगम में विधिविधान के साथ संगम में विसर्जित किया गया। तालाबों की अस्थियां विसर्जन के बाद उनका पिंडदान किया गया। सुनील तिवारी ने बताया कि किसी दिवंगत व्यक्ति की अस्थियां ले जाने के दौरान संगम में विभिन्न क्षेत्रों के पण्डा विसर्जन का कार्यक्रम करते हैं जब उन्हें ये बताया गया कि छतरपुर के तालाबों की अस्थियां का विसर्जन किया जाना है तो वे भी आश्चर्य भरी निगाहों से घड़े में रखी तालाबों की अस्थियां देखने लगे। वहां मौजूद अन्य लोग भी तालाबों की अस्थियां विसर्जन की बात सुनकर आश्चर्यचकित हो गए। छतरपुर से सुनील तिवारी, रवि पाठक, देवेन्द्र सिंह व नीरज सेन अस्थियां लेकर इलाहाबाद गए थे। 27 जून को छत्रसाल चौराहे पर तालाबों की तेरहवीं का कार्यक्रम रखा गया है। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 7 बजे तक चलेगा जिसमें राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों सहित सभी को आमंत्रित किया गया है।

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