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रायपुर । अंतत: राज्य सरकार ने मुख्य सचिव के बाद अब पुलिस महानिदेशक बदलने का निर्णय ले लिया है। बताया तो यहां तक जाता है कि डीजीपी के लिए नाम भी तय कर लिया गया है। दुर्गेश माधव अवस्थी जिन्हें पुलिस महकमे के भीतर डीएम के नाम से जाना जाता है उन्हें तैयार रहने का संकेत हो गया है। मतलब साफ है कि जून माह से प्रदेश को नया डीजीपी मिल जाएगा।

 

उल्लेखनीय है कि पहले सरकार ने चुनाव को देखते हुए मुख्य सचिव को बदला था। चार साल से अधिक समय तक मुख्य सचिव रहे विवेक ढांढ ने अचानक वॉलंटेरी रिटायरमेंट ले लिया। उनके स्थान पर सीएस पद पर अजय सिंह की ताजपोशी हुई। सीएस के बदले जाने के बाद डीजीपी अमरनाथ उपाध्याय को लेकर भी कानाफूसी होने लगी थी।

हालांकि उपाध्याय को डीजीपी के पद से हटाए जाने की चर्चा विगत नवंबर माह से सुनाई देती रही है लेकिन किसी न किसी कारणवश उपाध्याय को सरकार के मजबूत तंत्र से ऑक्सिजन मिलती रही थी। लगता है अब ऑक्सिजन सिलेंडर खाली हो रहा है।

 नायक को पछाड़ेंगे अवस्थी

गिरधारी नायक पुलिस महकमे में सीनियर अफसर हैं। पहले भी उन्हें सरकार ने डीजीपी बनाने लायक नहीं समझा था और नायक को पछाड़कर सरकार ने उपाध्याय को डीजीपी पोस्ट पर बैठा दिया था। नायक को जेल एवं होमगार्ड विभाग संभालना पड़ा।

लगता है इस बार भी उनके साथ ऐसा ही कुछ हो रहा है।
सरकार ने इस बार चुनावी वर्ष में डीजीपी बदलने का निर्णय लिया है। यदि उपाध्याय डीजी रहते हैं तो उनके खिलाफ हुई शिकवा शिकायत के चलते चुनाव आयोग के निर्देश पर उन्हें हटाना पड़ सकता है।

 

तब सरकार के लिए चुनाव आयोग को तीन वरिष्ठ अधिकारियों की सूची भेजनी पड़ेगी और आयोग के निर्देश पर डीजीपी का चयन होगा। यह स्थिति चुनावी वर्ष में सरकार के लिए सहज नहीं होगी।
इसी के मद्देनजर सरकार ने चुनाव के ठीक पहले डीजीपी बदलने का निर्णय ले लिया है।

सरकार की मंशा उपाध्याय को इस माह के अंत तक डीजीपी के पोस्ट से रवाना कर नए डीजीपी की ताजपोशी करने की है। नए डीजीपी के रुप में जो नाम सुनाई दे रहा है वह डीएम अवस्थी का है जो इन दिनों नक्सल सेल के डीजी का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब यह अलग बात है कि नक्सल मुवमेंट में अवस्थी की क्या कुछ उपलब्धि रही है इसे तौलने के स्थान पर उन्हें डीजीपी पद पर बैठा कर सरकार उन्हें प्रमोट कर रही है।

हाउसिंग बोर्ड में बता दिया गया

सीजी पुलिस हाउसिंग बोर्ड में इस सब पर चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि अवस्थी ने इस तरह के संकेत स्वयं होकर अधीनस्थों को दिए हैं। और तो और अवस्थी के पास ही डीजीपी बनने के बाद भी हाउसिंग बोर्ड का प्रभार यथावत रहेगा ऐसे भी संकेत मिल रहे हैं।

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