मो.रिजवान

वाराणसी : वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर में गुरूवार की सुबह मंगला आरती के पहले उस समय अफरा तफरी मच गयी जब सीआरपीएफ के जवान और मंदिर के पूर्व पर्यवेक्षक में लात घूंसे चलने लगे। मंदिर के पर्यवेक्षक को सीआरपीएफ के ड्यूटिरत्त जवान ने जमकर पीटा। इस बात की सूचना जैसे ही आला अधिकारियों को मिली अफरा तफरी मच गयी। फिलहाल विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने इस समबन्ध में कड़ी कार्रवाई की बात कहते हुए कहा कि आज कल वर्दी वाले और बिना वर्दी वाले भी पंडागिरी करने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार भोर में मंगला आरती के दौरान एक अधिकारी अपने परिवार के साथ बाबा की प्रथम आरती देखने पहुंचे थे। पुजारी ने उन्हें मंदिर के गर्भ गृह में बैठाया ही था कि एक पूर्व पर्यवेक्षक अपने कुछ गेस्ट के साथ पहुंचा और बैठे हुए अधिकारी को हटाने लगा। यह हरकत ड्यूटी में लगे सीआरपीएफ के जवान को नागवार लगी तो उसने मन किया जिसपर पूर्व पर्यवेक्षक जवान से उलझ गया। मामला इतना बढ़ा की जमकर लात घुसने चले और अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

इस मामले में सीआरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं और हमारी ड्यूटी श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन कराने की है जिसके लिए हम सदैव तत्पर हैं।

एसपी सुरक्षा शैलेन्द्र राय ने इस सम्बन्ध में बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच की जा रही है दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस पूर्व पर्यवेक्षक का नाम आ रहा है उसके खिलाफ पहले भी शिकायत मिल चुकी है।

वही इस सम्बन्ध एम् मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि मंदिर में अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर में इस समय सादे और वर्दी वाले सभी पंडागिरी करने लगे हैं। उन्होंने साफ़ लहजे में कहा कि जिसकी गलती होगी उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

गौरतलबव है कि पूर्व पर्यवेक्षक के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। कुछ माह पूर्व मंदिर गर्भगृह में तैनात दरोगा से बदसलूकी के मामले में पूर्व पर्वेक्षक का नाम आया था।

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