श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट, विकास भवन समेत अन्य दफ्तरों में जल्द ही फाइलों का मैनुअल घूमना बंद हो जाएगा। किसी की फाइल दबाकर नहीं बैठ पाएंगे। फाइल न तो गुम हो पाएगी और न ही कागज मिलने का बहाना बना पाएंगे। अधिकारी अपने विभाग की किसी भी फाइल को जब चाहे तब एक क्लिक में देख लेंगे। ऑफिस हो या घर हर जगह से अधिकारी डोंगल के जरिए हस्ताक्षर कर फाइल आगे बढ़ा सकेंगे। उक्त जानकारी प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय की अध्यक्षता में ई-आफिस प्रशिक्षण के दौरान दी गयी है। उन्होने बताया कि जनपद के सभी बड़े सरकारी दफ्तर ई-आफिस में कार्य करेगें। सरकारी काम में पारदर्शिता, समय सीमा, जवाबदेही तय करने के लिए विभागों में ई-आफिस प्रणाली लागू की जा रही है। इसके तहत कार्यालयों में भरी रहने वाली फाइलें अब ई-फाइलों में बदल जाएंगी। सारा लिखा पढ़ी का काम ई-फाइलों में होगा। जो कोई शिकायत या पत्र कागजों में आएगा उसे भी संबंधित कर्मचारी को स्कैन कर अपनी ई-  फाइलों में रखना होगा। उन्होने बताया कि ई-ऑफिस के तहत कागजो व पत्रो पर भी अधिकारियों और लिपिक के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। इसके लिए फाइले व कागज, पत्र बनाने वाले लिपिक और अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कराए जाएंगे। 
प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि ई-ऑफिस के कई फायदे होंगे। इस प्रणाली में कोई भी फाइल गायब नही होगी। यह प्रणाली पूरी तरह से सुरक्षित होगी।यह सब कुछ ई-ऑफिस के फाइल मैनेजमेंट सिस्टम में स्टोर होगा।उन्होने बताया कि प्रदेश सरकार ने ई-ऑफिस प्रणाली से सभी कार्यालयों को 15 अगस्त, 2018 से पहले जोडने के निर्देश प्राप्त हुआ है। ई-आफिस प्रणाली से सरकारी दफ्तरों को पेपरलेस बनाने का उद्देश्य है। सभी सेक्शन में नई फाइलें कंप्यूटर पर ही बनाई जाएंगी, जबकि पुरानी फाइलों के डिजिटाइजेशन का काम किया जाना है। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस सम्बन्ध में मास्टर ट्रेनर अकिंत श्रीवास्तव द्वारा सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया तथा सहयोगी के रूप में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी योगेश यादव एवं ई-डिस्ट्रिक मैनेजर शरद श्रीवास्तव द्वारा तकनीकी समस्याओं के समाधान एवं कार्य प्रणाली पर विस्तृत से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त अपर जिलाधिकारी ओ0पी0 सिंह द्वारा आई0जी0आर0एस0 की लम्बित शिकायतों के सम्बन्ध में अधिकारियों से त्काल निस्तारण सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश दिये गये है।

ब्यूरो प्रदीप गुप्ता

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