लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अंततः पालन करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुलायम सिंह ने सरकारी आवास खाली कर दिया। इससे पहले पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बंगला खाली करने के लिए 2 साल तक का समय मांगा था।

कोर्ट ने प्रदेश के सभी पूर्व सीएम को 1 जून तक बंगला खाली करने के लिए कहा था। इसी सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। उन्होंने मोहलत मांगने के लिए याचिका दायर कर दी थी लेकिन अब दोनों पिता-पुत्र ने बंगला खाली कर दिया है।

बंगला खाली करने के कतार में बसपा सुप्रीमो मायावती भी थी। लखनऊ के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 6 को बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी खाली कर दिया। उन्होंने बंगले की चाबियां स्पीड पोस्ट से भिजवाईं। हालांकि इसे खाली कराने में सुप्रीम कोर्ट को दखलअंदाजी करनी पड़ी।

मायावती के निजी सचिव मेवालाल गौतम ने बताया कि चाबियां स्पीड पोस्ट से इसलिए भेजनी पड़ीं क्योंकि अवर अभियंता ने कब्जा लेने से इन्कार कर दिया था।मालूम हो कि कुछ दिन पहले माया ने बंगले के सामने ‘कांशीराम जी यादगार विश्रामालय स्थल’ का बोर्ड लगा दिया था और उसे विश्रामस्थल बनाने की कोशिश की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आगे उनकी यह चाल ना चल सकी।

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