रायपुर : कांग्रेस ने रिंकू खनूजा की आत्महत्या को राजनीति हत्या करार देकर सनसनी फैला दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्ण नियोजित मर्डर है। प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी और पुलिस पर पूरा मामला दबाने का आरोप लगाया है। कारोबारी रिंकू खनूजा ने प्रदेश केमंत्री राजेश मूणत की कथित सेक्स सीडी मामले में सीबीआई के घेरे में फंसने के बाद मंगलवार को आत्महत्या कर ली थी।

– कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर कथित सेक्स सीडी कांड को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वो रिंकू की फोटो के आधार पर ऐसा दावा कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम ये दावे के साथ कह रहे हैं कि ये आत्महत्या नही बल्कि हत्या है।

– उन्होंने कहा कि फ़ोटो के आधार पर ही हम साबित करेंगे कि ये प्री प्लांड राजनीतिक मर्डर है। प्रदेश के मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी कांड मामले की जांच की आंच भाजपा नेताओं पर आ रही है। इसके चलते वो हड़बड़ा गई।

1 कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पुरी तरह से सुनियोजित राजनैतिक हत्या है, जिसे राज्य सरकार के इशारे पर आत्महत्या साबित कर पुरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कार्यवाही की जा रही है।

2 सीबीआई तीन दिन तक लगातार रिंकू खनूजा को बयान लेकर प्रताड़ित कर रही थी और चैथे दिन उसके नहीं आने पर मौन कैसे रह गयी? एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है। रिंकू खनूजा की मां ने बताया कि उसे सीबीआई वाले घर से लेकर जा रहे थे तो फिर क्या कारण कि सीबीआई ने उस दिन 04.06.2018 और 05.06.2018 को उसकी मृत्यु की सूचना मिलने के बाद भी सीबीआई की ओर से इस पूरे घटना क्रम पर चुप्पी साधे रहना बहुत सारे संदेहो को जन्म देता है। 

3 रिंकू खनूजा की मां ने बताया कि रिंकू की उंचाई लगभग साढ़े 5 फीट थी और जिस जगह पर वह फांसी के फंदे पर लटका पाया गया उसकी जमीन से लेकर छत की उंचाई महज साढ़े 6 फीट थी, ऐसी दशा में आत्महत्या प्रथम दृष्टया असंभव है। एक अनपढ़ व्यक्ति भी यह बता सकता है इसके बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार की पुलिस और चिकित्सा विभाग के डाॅक्टरों नेे आनन-फानन में जिस तेजी से आत्महत्या कहकर प्रचालित एंव प्रसारित किया गया है। यह पूरे मामले में सीबीआई को तोता साबित करने कि दिशा में पर्याप्त है। 

4 जिस तरह मृतक के घुटने जमीन पर लगे है और उसके पंजे आपस में क्राॅस है जो कि स्वंय के द्वारा फांसी लगाने पर संभव नहीं, जिससे स्पष्ट है कि उसे मारकर लटकाया गया है। 

5 मृतक रिंकू खनूजा के पांव पर किचड़ दिखाई दे रहा है जबकि रूम केे आसपास कोई किचड़ के निशान नही है। 

6 जिस तरह घुटने मुड़े हैं, ऐसी दशा में घुटने पर लिबीडिटी (नीलापन) दिखना चाहिये, जो कि इसमें नहीं दिख रहे है, और केवल एक पैर के पंजो में लिबीडिटी दिख रही है इससे साफ है कि किसी अन्य स्थान पर रिंकू को मारा गया/लगातार बाॅडी स्पाॅट करने से भी संभव होता। जिसके कारण उसके पांव के पंजो पर लिबीडिटी थी, जो ये साबित करने के लिये पर्याप्त है कि रिंकू की आत्महत्या नहीं वरन सूनियोजित राजनैतिक हत्या है। 

7 रिंकू के जीभ में जो कालापन का निशान है वह फांसी लगाकर आत्महत्या की दशा में नहीं होता वह केवल उसी दशा में होता है जब violent (वाॅयलेन्ट)  ASPHACIA (तीव्र स्वांस अवरोध) के दशा में ही आता है। नाक एवं मुंह से रक्त मिश्रीत  Asphyxia लार था बहाव नहीं है। जबकि जीभ पर त्रीव लिबीडिटी है।

8 जिस तरह कि तेजी इस पूरे घटनाक्रमा में छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिखाई उसके चक्कर में जांच के मूलभूत तौर तरीके के भी पुलिस अधिकारियों ने पूरा नही किया। पूरे घटना स्थल को खुला छोड़ दिया गया, उसे सील बंद नही किया गया। फारेन्सिक एक्सपर्ट से जांच नही कराई गयी फिंगर प्रिंट आदि भी नहीं लिये गये ना ही घटना स्थल की सही फोटो ग्राफी की गई। पोस्टमार्टम के लिये भेजने पर भी जल्दबाजी की गयी, डाॅक्टर के डांटने के पश्चात घटना स्थल की फोटो देने के बाद ही उसका पोस्टमार्टम किया गया।

सीबीआई की लापरवाही

जैसा कि समाचार पत्रों से पता चला है कि लगभग साल डेढ़ साल के मोबाईल काॅल डिटेल और मोबाईल लोकेशन ट्रेकर के आधार पर रिंकू खनूजा को बयान के लिये बुलाया गया और उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। ऐसी दशा में जब रिंकू के घर वालो ने बताया कि वह घर से सुबह 08.30 बजे निकला था, और सुबह 08.52 बजे उसने आखरी नमस्कार का मैसेज किया था। उसके बाद उसके घर वाले उसे खोज रहे थे और उसके मोबाईल का लोकेशन कभी रामकृष्ण हाॅस्पिटल कभी सिविल लाईन थाना के पास दिखा रहा था तो इस बिन्दु पर कोई जांच क्यों नहीं की गयी?

राज्य सरकार के इशारे पर जांच कर रही सीबीआई आखिर किस भाजपा नेता को बचाने की कवायद कर रही है। क्योंकि 1 से 3 तारीख तक के समाचार पत्रों में होटल व्यवसाय लवली खनूजा का नाम तथा भाजपा के नेता कैलाश मुरारका का नाम आ रहा था, तथा एक टीवी चैनल के मालिक का नाम आ रहा था। जिससे पूछताछ हो रही थी और इन नामो में रिंकू खनूजा का नाम कही नहीं था। उसका नाम उसकी मृत्यु के बाद समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला।

उपरोक्त समस्त बिंदुओं के साफ स्पष्ट है कि रिंकु खनूजा के पूछताछ से भाजपा के नेताओं और आकाओं की संलिप्तता से बचाने के लिये और जनता को गुमराह करने के लिये रिंकू खनूजा की हत्या कर उसे आत्महत्या साबित किया जाने का षडयंत्र किया जा रहा है।

कांग्रेस : जो अनिवार्य बिंदु हैं जो इस बात को साबित करते हैं कि यह राजनीतिक साजिश के तहत किया गया हत्या है

1 क्योंकि मृतक के दोनों पैर घुटने तक जमीन से जुड़े हुए थे ऐसी परिस्थिति में कोई भी व्यक्ति अपने आप को नीचे खींच कर अपने गर्दन पर प्रेशर डालकर आत्महत्या नहीं कर सकता।

2 क्योंकि जब भाजपा के दो वरिष्ठ व्यक्ति जिसमें 1 चैनल के प्रभावशाली व्यक्ति तथा भाजपा के कैलाश मुरारका से पूछताछ की गई तब ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि मृतक रिंकू खनूजा को सामने बुलाकर बैठाया गया और उसके अगले दिन उसकी मृत्यु हुई है।

3 रिंकू खनूजा ने सीबीआई जांच के दौरान किस बड़े व्यक्ति अथवा भाजपा से जुड़े किन बड़े व्यक्तियों का साजिश में नाम लिया था।

4 क्योंकि रिंकू खनूजा के एक पैर में कीचड़ लगा हुआ था और दूसरा पैर साफ था साथ ही साथ पूरे फ्लोर में कहीं पर भी मिट्टी दाग धब्बे नहीं थे तो क्या रिंकू खनूजा उड़ते हुए आकर फांसी पर सीधे लटक गया था।

5 जिस ढंग से रिंकू खनूजा अपने दोनों पैरों को जमीन में टिका कर लटका हुआ है ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति को नीचे से जब तक कोई नहीं खींचे अथवा जबरदस्ती बांधकर खींचने का प्रयास ना करें उसकी मृत्यु हो पाना सैद्धांतिक रूप से संभव नहीं है।

6 रिंकू खनूजा की मां का यह बयान कि उसके पुत्र ने एक रात पहले ही उन्हें कहा था कि उसे बेतहाशा मारपीट की जा रही है, और उसके शरीर पर चोट के निशान हैं तथा उन्होंने रिंकू खनूजा को पीठ में दर्द निवारक दवाइयां लगाई थी, तो ऐसा कौन सा तथ्य रिंकू ने बताया था जिससे सीबीआई उसे इतना टॉर्चर कर रही थी।

7 क्योंकि भूपेश बघेल ने विनोद वर्मा ने एवं विजय भाटिया ने मुख्यमंत्री तथा मुख्यमंत्री निवास का सीडी कांड में प्रत्यक्ष शामिल होना डिस्क्लोज कर दिया था, तब ऐसी कौन सी बातें एवं तथ्य सामने आई थी जो रिंकू खनूजा एवं कैलाश मुरारका तथा गोयल जो तीनों कहीं ना कहीं भाजपा से संबंधित है और सरकार के करीबी हैं तब ऐसा क्या तथ्य एवं परिस्थिति बनी कि रिंकू खनूजा को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

8 जब एक सीडी को वितरण किए जाने के मामले में राज्य सरकार के 9 मंत्री एवम मुख्यमंत्री स्वयं आधे घंटे के भीतर सीबीआई जांच की घोषणा करती है और वर्तमान में जब एक व्यक्ति जिसे की सीबीआई ने गंभीर पूछताछ की थी उसने विकट परिस्थितियों में प्राण त्याग है तो शासन क्यों शांत बैठी है क्यों इस मामले की तह तक जाकर जनता को सच्चाई बताने का प्रयास नहीं किया जा रहा।

9 विजय भाटिया ने लिखित में आवेदन देकर यह कहा था सीबीआई के सामने कि उसे बार-बार दबाव दिया जा रहा है कि वह भूपेश बघेल के खिलाफ बयान दे अर्थात क्या इस मामले में जब भाजपा के लोगों का नाम सामने आ गया तब भी कोई ऐसी परिस्थितियां या ऐसे तथ्य सामने आए थे जिसके कारण भाजपा का कोई बड़ा व्यक्ति फंस रहा हो और उसे सीबीआई अथवा अन्य लोगों ने टॉर्चर किया हो प्रताड़ित किया हो इन बातों का भी खुलासा होना अनिवार्य एवं आवश्यक है तथा इस मामले की उच्चतम जांच होनी चाहिए।

10 जिस तरीके से रिंकू खनूजा के गले में रस्सी बंधा हुआ है एवं जिस तरीके से लटका पाया जा रहा है इसमें अकेले एक व्यक्ति के द्वारा ऐसे अपने आप को फांसी पर लटकाना संभव नहीं है अर्थात इस पूरे मामले में अन्य किसी व्यक्तियों का भी इंवॉल्वमेंट संभव है।

11 अभी तक राज्य सरकार अथवा सीबीआई अथवा पुलिस ने यह बताने का प्रयास नहीं किया कि सीबीआई अथवा रिंकू खनूजा एवं भाजपा के लोगों के पास ऐसे कौन से तथ्य और जानकारी उपलब्ध हो गई थी या जानकारी कर उपलब्ध कराई गई थी या छुपाया जा रहा था जिसके कारण यह जघन्य हत्या या आत्महत्या हुई है।

12 रायपुर के पुलिस अधीक्षक ने आनन-फानन में तत्काल ही रिंकू खनूजा की हत्या को आत्महत्या कैसे डिक्लेयर कर दिया। (छत्तीसगढ़ पुलिस कभी-कभी अचानक स्मार्ट हो जाती है, 2 घंटे में दिल्ली पहुंच कर अरेस्ट करती है फिर 90 दिन तक चालान नही)

13 पोस्टमार्टम करने के पहले राज्य सरकार ने अथवा लोकल पुलिस ने रिंकू खनूजा के संबंध में सीबीआई को पूछताछ अथवा जानकारी के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया क्योंकि यह मामला राज्य सरकार पुलिस के सामने नहीं बल्कि सीबीआई के द्वारा इन्वेस्टीगेशन चल रहा था एवं सीबीआई के लंबित मामले में एक व्यक्ति की हत्या हुई है। (क्या नियमानुसार राज्य पुलिस, सीबीआई के अधिकारियों का बयान और प्रक्रिया पूछ सकती है?)

14 इस समस्त प्रकरण में रिंकू खनूजा की लाश को आनन-फानन में अंतिम संस्कार करने की इजाजत पुलिस ने क्यों दी तथा पुलिस ने अंतिम संस्कार के पूर्व उच्च स्तरीय जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं करवाया वह भी सीबीआई के अधिकारियों के समक्ष क्योंकि मामला सीबीआई के समक्ष लंबित था और सीबीआई के लंबित प्रकरण में राज्य सरकार ने घुसकर रिंकू खनूजा के मामले में क्यों इंटरेस्ट दिखाया।

15 विनोद वर्मा के द्वारा उन्हें रायपुर में प्रस्तुत किए जाने के समय ही मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं मंत्री राजेश मूणत के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्होंने कहा है कि उनसे कोई सीडी जब्त नहीं हुई थी सीडी उनके ऊपर प्लांट किया गया है और मुख्यमंत्री तथा राजेश मूणत के द्वारा उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है क्योंकि वह झीरम घाटी कांड तथा अंतागढ़ कांड के सभी मामलों की जांच कर रहे थे और पत्रकार के रूप में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को बहुत सबूत सौंपे थे, तब आज सीबीआई इस मामले को जांच क्यों नहीं कर रही है और मुख्यमंत्री तथा राजेश मूणत के इंवॉल्वमेंट को एवं वृहद षड्यंत्र को क्यों उजागर करने का प्रयास ना राज्य सरकार कर रही है सीबीआई भी वह कर रही है कहीं ना कहीं यह संपूर्ण बिंदु एवं तथ्यों को उजागर करते हैं तथा स्वयं इस मामले में एवं झीरम घाटी मामले में गंभीर आपराधिक षड्यंत्र करते रहे हैं उन्होंने विभिन्न लोगों की हत्या करवाई है और इन चीजों को दबाने के लिए ऐसी हत्याएं लगातार हो रही है।

प्रेसवार्ता में संचार विभाग के सदस्य एवं पूर्व महापौर किरणमयी नायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकेश गुप्ता, विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष फैजल रिजवी, संचार विभाग के सदस्य आर.पी.सिंह वरिष्ठ कांग्रेसी एवं मीडिया पैनलिस्ट महेन्द्र छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

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