इंदौर। आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज ने इंदौर में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड के बाद उनकी पहली तस्वीर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने दायीं कनपटी पर गोली मारी, जो आर-पार निकल गई। उन्होंने अपने आवास पर लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारी। घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें लेकर इंदौर के बॉम्बे अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस बीच पुलिस ने सुसाइड नोट के साथ-साथ पिस्टल भी बरामद कर लिया है।

भय्यूजी महाराज के सुसाइड की खबर से हड़कंप मच गया। मामले की तफ्तीश में जुटी मध्य प्रदेश पुलिस ने बताया कि भय्यू महाराज ने अपनी दाईं कनपटी पर गोली मारी। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि हमने सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने मानसिक तनाव की बात कही है, हालांकि तनाव की वजह क्या है ये पता नहीं चला है। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। 

इससे पहले भय्यूजी महाराज का सुसाइड नोट पुलिस ने बरामद किया है। एक पन्ने के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए वहां किसी का होना जरूरी है। मैं इन सब वजहों से काफी तनाव से गुजर रहा हूं और आजिज आ चुका हूं। जिस समय भय्यूजी महाराज ने ये कदम उठाया उनकी मां और पत्नी घर पर ही मौजूद थी। आखिर उन्होंने ये कदम क्यों उठाया ये कोई नहीं जानता है। 

बता दें कि भय्यूजी महाराज को मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। ये उन्‍हीं पांच संतों में शामिल थे जिन्‍हें कुछ समय पहले ही शिवराज सरकार ने मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया था। हालांकि भय्यूजी महाराजने सरकार के इस फैसले को ठुकरा दिया था। भय्यू महाराज के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा कि भय्यू महाराज के जाने से देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा की त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। आपके विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे। 

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