आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी महाराज ने इंदौर में खुद को गोली मार ली. उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. उन्हें कुछ माह पहले ही मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया था.

1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख है. वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं. हाल ही में वे ग्वालियर की डॉ. आयुषी शर्मा के साथ सात फेरे लेने के बाद सुर्ख़ियों में आए थे.

कभी मॉडलिंग करने वाले इस संत के देशभर में लाखों मानने वाले हैं. उन्हें हाईप्रोफाइल संत भी कहा जाता है. इसके पीछे वजह यह कि उनके देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क रहे थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल समेत कई हस्तियां उनके संपर्क में रहीं थी.

भय्यू जी महाराज तब चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था. इसी के बाद ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था.

वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे. उपवास को तुड़वाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था

भय्यू महाराज का सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट नाम का ट्रस्ट भी चलता है. उनका ट्रस्ट स्कॉलरशिप बांटता है, कैदियों के बच्चों पढ़ाता है. किसानों को खाद-बीज मुफ्त बांटता है. वहीं, मर्सडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यू महाराज रॉलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते थे. आलीशान भवन में रहते थे.

19ff8342-3586-423e-b8e8-4e82eb9d1ab4
pg
2

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here