श्रावस्ती।अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत बैजनापुर जमुनहा श्रावस्ती में सामाजिक संस्था सद्भावना मिशन द्वारा चौपाल का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार द्वारा चौपाल को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस में उपस्थित जनता-जनार्दन को बाल श्रम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बाल्य काल हर इंसान की जिंदगी की गठन का मुख्य काल माना जाता है। कहते है कि एक इंसान की बाल्यकाल की परवरिश और अनुभूति ही उसके आगे की जिंदगी को दर्शाता है। बाल श्रम एक कलंक है। बाल्य काल में श्रम या मजदूरी करवाने के खिलाफ पूरे विश्व में 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। बाल मजदूरी हमारी समाज के लिए एक अभिशाप है। हमें बाल श्रम या बाल मजदूरी को रोकने के बारे में ज्यादा से ज्यादा चर्चा करना चाहिए। बाल मजदूरी रोकने के लिए हमें अपनी सोच को बदलना होगा, हमें लोगों को बाल श्रम के क़ानून The Juvenile Justice (Care and Protection) of Children Act of 2000 के अंतर्गत किसी भी बच्चे को बाल श्रम करने पर उकसाना या मजबूर करना या बाल मजदूरी करवाना कानूनी जुर्म है। इस क़ानून के अंतर्गत बाल मजदूरी करवाने वालों के लिए कठोर दंड है, इसके बारे में बताना चाहिए।

प्रदीप गुप्ता

बाल मजदूरी करते बच्चों के परिवार वालों को इसके अंजाम से अवगत करायें। अगर हमें बाल श्रम का कोई मामला नज़र में आए तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन, (N.G.O.), सरकार के द्वारा शुरू की गई टेलीफोन सेवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या यू०पी०-100 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा बच्चों को कॉपी, रबड़, पेंसिल का वितरण किया गया तथा ग्राम बैजनाथपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। साथ-साथ ही साथ यह भी संकल्प लिया गया कि न कोई दंगा करेगा न कोई नंगा रहेगा। इस दौरान उप जिलाधिकारी जमुनहा, प्रभारी निरीक्षक मल्हीपुर सहित मिशन सद्भावना के वालंटियर, संभ्रांत व्यक्ति व भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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