नई दिल्ली :  इथोपियन विमान हादसे के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक निर्देश जारी कर कहा, बोइंग 737 मैक्स विमान उड़ाने के लिए पायलटों के पास कम से कम 1,000 घंटे उड़ान का अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा अन्य कोई पायलट इन विमानों को नहीं उड़ाएगा. डीजीसीए (DGMA) ने ये निर्देश सुरक्षा को लेकर जारी किए हैं.

बता दें कि इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद इथोपियन एयरलाइंस का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. हादसे में विमान में सवार सभी 157 लोगों की मौत हो गई. इन मारने वालों में 4 भारतीय भी शामिल हैं. इसके बाद नियामक ने बयान जारी कर कहा, डीजीसीए स्थिति पर नजदीकी निगाह रखेगा. दुर्घटना जांच एजेंसी एफएए बोइंग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर वह अतिरिक्त परिचालन-रखरखाव उपाय कर सकता है या रोक लगा सकता है.

डीजीसीए ने विमानन कंपनियों से कहा, वे 737 मैक्स विमानों के संदर्भ में इंजीनियरिंग और रखरखाव कर्मियों के बारे में विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करें. बयान में कहा गया है कि 12 मार्च को दिन में 12 बजे के बाद से डीजीसीए के ताजा निर्देशों के अनुपालन के बिना बोइंग 737 मैक्स-8 विमानों का परिचालन नहीं किया जा सकेगा.

इथोपिया विमान हादसे के बाद चीन, इंडोनेशिया और इथोपिया ने सोमवार को अपनी सभी घरेलू विमानन कंपनियों से बोइंग 737 मैक्स-8 विमानों के परिचालन को रोकने के लिए कहा. चीन के नागर विमानन नियामक ने सुरक्षा का हवाला देते हुए करीब 100 बोइंग विमानों को खड़ा करने का आदेश दिया.

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