नई दिल्ली: इंडोनेशिया में लॉयन एयरलाइन्स का एक यात्री विमान जकार्ता से पंगकल पिनांग जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो कर समुद्र में गिर गया, जिसमें 189 लोगों के मारे जाने की आशंका है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विमान सुबह 6.20 बजे जकार्ता से पंगकल पिनांग के लिए रवाना हुआ था। विमान इंडोनेशियाई द्वीप के पास दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद समुद्र में डूब गया। वहीं, अब जकार्ता से पांगकल पिनांग जा रहे इस विमान के हादसे को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। 

बताया जा रहा है कि ये विमान पहले से ही तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा था। विमान के टेक्निकल लॉग के मिलने के बाद से पता चल रहा है कि विमान का एक उपकरण ऐसा था, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता था और पायलट ने इस बात की जानकारी अपने साथी पायलट को भी दी थी। फ्लाइटरडार24 का डाटा दिखाता है कि विमान के उड़ान भरने के करीब दो मिनट के भीतर ही उसमें खराबी के संकेत मिलने लगे थे।
 विमान में खराबी के संकेत मिलने तक वह दो हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। विमान पांच हजार फीट तक जाने से पहले 500 फीट से ज्यादा लुढ़का था और 5,450 फीट पर पहुंचने से पहले ही फिर से लुढ़क गया। विमान ने अंतिम क्षणों में गति हासिल कर ली और संबंध टूटने से पहले वह 345 नॉट्स की गति हासिल कर चुका था। जब विमान का संपर्क टूटा तो वह 3,650 फीट पर था। दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले इसकी कुल उड़ान 13 मिनट की थी। 

इंडोनेशिया के लॉयन एयरलाइन्स के उस विमान को भारतीय पायलट भव्य सुनेजा उड़ा रहे थे, जो सोमवार को दुर्टनाग्रस्त होकर समुद्र में गिरा। इस हादसे में चालक समेत 189 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। सुनेजा (31) दिल्ली में मयूर विहार में रहते थे। सात साल पहले 23 वर्ष की उम्र में उन्होंने एयरलाइन्स ज्वाइन किया था। लिंक्डइन अकाउंट से प्राप्त सूचना के अनुसार सुनेजा ने मयूर विहार के एक पब्लिक स्कूल से वर्ष 2005 में स्कूली पढ़ाई खत्म की थी। वह वर्ष 2011 से लॉयन एयरलाइन्स से जुड़े थे। उन्हें 2009 में बेल एयर इंटरनेशनल से पायलट का लाइसेंस मिला था। उनके पास विमान उड़ाने का 6000 घंटे का अनुभव था। 

source by PK

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