वाराणसी : लखनऊ में केजीएमयू के खाते से ढाई करोड़ रुपये निकल गए। मामले का खुलासा होने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने रिपोर्ट दर्ज करने के लिए चौक कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

केजीएमयू परिसर में इलाहाबाद बैंक की शाखा है। इसमें केजीएमयू का कंटीजेंसी खाता संख्या 50153469849 है। कुलसचिव और कंटीजेंसी प्रभारी के हस्ताक्षर से ही इस खाते से रकम निकाली जा सकती है। इस खाते से तीन अक्तूबर को चेक संख्या 327565 के जरिए ढाई करोड़ रुपये निकाल लिए गए।

अचानक इतने रुपये निकलने पर केजीएमयू वित्त विभाग ने बैंक को सूचना दी। बैक से पता चला कि रकम जानकीपुरम स्थित इंडसइंड बैंक लिमिटेड के कथित खाता धारक अमित प्रकाश पाठक द्वारा चेक से निकाली गई।…

पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बैंक द्वारा केजीएमयू वित्त कार्यालय को जारी किए गए चेक बुक से जाली (कूटरचित) चेक तैयार किया गया और उसी से भुगतान प्राप्त किया गया। जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि केजीएमयू ने चेक संख्या 327565 किसी को जारी नहीं किया है।

यह चेक कार्यालय में मौजूद है। पुलिस को दी गई तहरीर में यह भी कहा गया है कि इतनी बड़ी रकम जाली चेक से बिना बैंककर्मियों की मिलीभगत के भुगतान नहीं की जा सकती है। बैंककर्मियों की भी जांच की जाए। चौक कोतवाली प्रभारी का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले को एक हफ्ते तक छिपाए रखा। रकम तीन अक्तूबर को निकली गई, जबकि तहरीर 10 अक्तूबर को देर रात दी गई। इससे स्पष्ट है कि इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ढिलाई बरतता रहा।

सूत्रों की मानें तो केजीएमयू प्रशासन की ओर से पहले कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। फिर इस बात की जानकारी जुटाई गई कि अमित प्रकाश पाठक नाम का कोई कर्मचारी संविदा पर तो नहीं रहा है। इस दौरान कर्मचारियों से अलग- अलग पूछताछ भी की गई।

इसमें यह जानने की कोशिश की गई है कि कहीं वित्त विभाग का कोई पूर्व कर्मचारी तो इस मामले में शामिल नहीं है। तमाम प्रयास के बाद भी केजीएमयू प्रशासन इस मामले की तह तक नहीं पहुंच सका। 

टेलीफोन ऑपरेशन के पास है कंटीजेंसी का चार्ज

कुछ दिन पहले ही वित्त विभाग की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। कंटीजेंसी विभाग का चार्ज टेलीफोन ऑपरेशन को दिया गया है। 26 सितंबर को पटल परिवर्तन के दौरान केजीएमयू प्रशासन ने कंटीजेंसी का कार्य देख रहे लेखाकार विजय कुमार को हटाकर वेतन अनुभाग में लगा दिया। इसके बाद टेलीफोन ऑपरेटर दीपक कुमार को कंटीजेंसी की जिम्मेदारी दे दी गई। इस फर्जीवाडे़ के सामने आने के बाद कर्मचारी भी अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

जिस चेक से रकम निकली, वह चेक कार्यालय में है
ये रुपये कूटरचित चेक से निकाले गए हैं। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। चेक संख्या 327565 किसी को जारी नहीं किया गया है। यह चेक कार्यालय में  मौजूद है। – मो. जमा, वित्त नियंत्रक

SOURCE BY AMARUJALA

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