नई दिल्ली : आधार को पैन कार्ड से जोड़ने की समयसीमा एक बार फिर नजदीक आ गयी है, मगर यह विडंबना ही है कि अभी तक 42 करोड़ पैन धारकों में से केवल 23 करोड़ लोगों ने ही आधार से इसे लिंक किया है. अब भी करीब 19 करोड़ पैन कार्डधारकों ने उसे आधार से लिंक नहीं कराया है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बताया कि आयकर विभाग की ओर से अब तक करीब 42 करोड़ स्थायी खाता संख्या (पैन) आवंटित किया गया है. इनमें से 23 करोड़ लोगों ने ही पैन को आधार से जोड़ा है. 

सुप्रीम कोर्ट ने आधार पर सुनवाई करते हुए आयकर रिटर्न दायर करते समय आधार को पैन से लिंक करना अनिवार्य कर दिया था. शीर्ष अदालत ने पैन और आधार को लिंक करने की समयसीमा 31 मार्च तय किया है. चंद्रा ने एसोचैम का एक कार्यक्रम संबोधित करते हुए यहां कहा कि आधार से लिंक करने से हमें यह पता चलेगा कि किसी के पास नकली पैन तो नहीं है. यदि इसे आधार से नहीं जोड़ा गया, तो हम पैन रद्द भी कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि जब पैन से आधार जुड़ जायेगा और पैन बैंक खाते से जुड़ा रहेगा, तो आईटी विभाग करदाता के खर्च करने का तरीका तथा अन्य जानकारियां आसानी से पता कर सकेगा. कई अन्य एजेंसियां भी आधार से जुड़ी हुई हैं, तो यह भी पता लगेगा कि समाज कल्याण योजनाओं का लाभ उचित लोगों को मिल रहा है या नहीं. 

उन्होंने कहा कि इस साल अब तक 6.31 करोड़ रिटर्न दायर किये गये हैं. यह पिछले साल के 5.44 करोड़ रिटर्न से अधिक है. इस साल विभाग 95 लाख नये करदाताओं को जोड़ चुका है. उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि 125 करोड़ आबादी और 7.5 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर वाले देश में केवल 1.5 लाख रिटर्न में आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखायी जा रही है. 

चंद्रा ने कहा कि यह बहुत खेदजनक स्थिति है कि इस देश में जहां जीडीपी, खर्च और उपभोग सभी बढ़ रहा है. सारे फाइव स्टार होटल भरे हुए हैं, लेकिन जब आप किसी से पूछेंगे कि कितने लोग एक करोड़ रुपये से अधिक आय की जानकारी रिटर्न में दे रहे हैं? … यह दयनीय है.

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