नई दिल्ली : एनआईए की विशेष अदालत ने वर्ष 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सातों आरोपी पर आतंकी साजिश रचने का आरोप तय कर दिए है।

सातों आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की धारा 18 और 16, आईपीसी की धारा 120 बी, 302, 307, 324,326,427,153ए और विस्फोटक कानून की धारा 3,4,5 और 6 के तहत आरोप तय किए गए हैं. इसमें धारा 302 हत्या, 120 बी साजिश रचने और 307 हत्या की कोशिश करने के लिए लगाई गई है.

अपने फैसले में सेशन जज वीएस पडलकर ने कहा, सभी आरोपियों पर अभिनव भारत संस्था बनाने और 2008 में मालेगांव धमाका करने का आरोप लगाया जाता है जिसमें 6 लोग मारे गए थे. जिन 7 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हुए, उनके नाम हैं-साध्वी प्रज्ञा, रमेश उपाध्याय, समीर कुलकर्णी, ले.क. पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और अजय राहिरकर.

हालांकि सभी आरोपियों ने अपने पर लगे आरोपों से इनकार किया है. आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी ने कहा कि ‘सभी आरोप बेबुनियाद हैं. सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि अभिनव भारत आतंकी संस्था नहीं है.’ इस मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी.

इस मामले की सुनवाई सुबह होनी थी जिसे दोपहर एक बजे तक विलंबित कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट कर्नल पुरोहित पर आरोप तय किए। बता दें कि सोमवार को बम्बई उच्च न्यायालय ने लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने पर रोक लगाने से सोमवार को इनकार कर दिया था।

गौरतलब है कि उत्तर महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल पर बंधे विस्फोटक सामग्री में विस्फोट होने से छह व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे। पुरोहित के अलावा मामले में अन्य आरोपियों में प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी शामिल थे। 

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