रायपुर। चीन के आइपी एड्रेस के जरिये राज्यों की पुलिस को गुमराह कर रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस की जांच में नाइजीरिया में रहकर भी खातों में सेंध लगाने की बड़ी साजिश का पता चला है।

नाइजीरियन नागरिक समेत आधा दर्जन की गिरफ्तारी के बाद रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम बड़े गिरोह की तफ्तीश में जुट गई है। अगर रायपुर पुलिस हैकर्स गिरोह के लिए इंटरपोल की मदद लेती है तो संभवता यह पहली बार होगा, जब किसी अंतरराष्ट्रीय गैंग के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि देश और विदेश में रहकर बड़ा एक्सपर्ट गैंग हैकिंग के जरिये ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने में लगा है। बतौर कमीशन देश के अंदर खाता धारकों को इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी कुछ नंबरों का पता चला है। शिनाख्त होते ही आरोपित के विदेशी नागरिक होने पर तुरंत रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। देश में रहकर बाहरी गिरोह की मदद करने वालों की पहचान होते ही लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया जा सकता है।

एएसपी क्राइम दौलत राम पोर्ते का कहना है कि पहली मर्तबा गिरोह का छत्तीसगढ़ में पर्दाफाश हो सका है, जिन्होंने हैकिंग के जरिये रायपुर में सहकारी बैंक के खाते से रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने की बात कुबूली है। हैकिंग के जरिये व्यावसायिक सहकारी बैंक के यस बैंक स्थित खाते से दो करोड़ 47 लाख रुपये की राशि देश भर के अलग-अलग बैंकों के खातों में हस्तांतरित की गई थी।

अब तक की हुई हैकिंग की घटनाओं में से यह सबसे बड़ी राशि की रिकवरी करने में रायपुर पुलिस को सफलता मिली है। ठगी हुई राशि में से लगभग 90 प्रतिशत राशि पुलिस टीम द्वारा होल्ड करा ली गई।

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