श्रीनगर। आखिरकार मां-बाप की अपीलों का असर हुआ और इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू-कश्मीर का आतंकी बना एहतेशाम बिलाल घर लौट आया। पुलिस के सुनियोजित अभियान के बाद रविवार को एहतेशाम अपने घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि एहतेशाम बीमार और जख्मी हालात में है। पुलिस की कड़ी निगरानी में उसका इलाज कराया जा रहा है। साथ ही, उसके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है।

खनयार श्रीनगर का रहने वाला बिलाल उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में रेडियोग्राफी का डिग्री कोर्स करने गया था। चार अक्टूबर को  विश्वविद्यालय परिसर में स्थानीय छात्रों और अफगानी छात्रों के बीच मारपीट हुई थी। इस दौरान उसे अफगानी समझकर स्थानीय लड़कों ने पीट दिया था। इसके बाद वह 28 अक्टूबर को लापता हो गया था। इस मामले में शुरुआती पुलिस जांच में उसके फोन की लोकेशन उत्तरी कश्मीर के सोपोर में मिली थी। कुछ दिनों बाद उसके फोन की लोकेशन दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में प्राप्त हुई।

एहतेशाम के पिता ने कहा कि रविवार शाम को पुलिस एहतेशाम को घर से ले गई है। वह बीमार था और उसके शरीर के एक हिस्से से खून निकल रहा था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उसे चोट कैसे लगी थी। राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि उसे पांच बजे उसके घर से पकड़ा है, लेकिन न उसे गिरफ्तार किया गया है और न हिरासत में लिया गया है। हमने उसे सिर्फ मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, क्योंकि वह बीमार है।

राज्य पुलिस ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर बिना उसका नाम लिए लिखा है कि एक युवक को उसके परिजनों और पुलिस के अभियान की मदद से मुख्यधारा में वापस लाया गया है। अन्य जानकारियां बाद में साझा की जाएंगी। वहीं, एहतेशाम के पिता ने कहा कि मैं बस खुदा का शुक्रगुजार हूं कि मेरा बेटा घर लौट आया है।

बता दें कि नवंबर के पहले हफ्ते में एहतेशाम की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसमें वह काले रंग के कपड़ों में दिखाई दिया था और उसने शरीर पर ग्रेनेड बांधे हुए थे। वहीं, उसकी तस्वीर के पीछे इस्लामिक स्टेट का काला झंडा भी था। इसके बाद उसका एक आडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि एहतेशाम की हालत में सुधार होने पर उसे परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। वहीं, उसके खिलाफ कोई पुराना पत्थरबाजी का मामला है। कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। एहतेशाम लश्कर आतंकी फहद मुश्ताक वाजा का करीबी था और फहद के ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर भी काम किया है। हालांकि, परिजनों ने इस दावे का खंडन किया है।

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