रायपुर। भूपेश सरकार ने भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या की न्यायिक जांच के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पत्र सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने लिखा है। कांग्रेस ने भाजपा पर इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया है।

दरअसल, भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों द्वारा की गई हत्या की जांच की मांग भाजपा नेताओं द्वारा लगातार की जा रही है। इसके बाद राजीव भवन में प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन और अन्य कांग्रेस नेताओं ने मीडिया को बताया कि सरकार इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहती थी, इसलिए बयान नहीं दिया गया।

दंतेवाड़ा में श्रद्धांजलि देकर लौटते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच का फैसला ले लिया था। 9 अप्रैल को भाजपा विधायक का निधन हो गया था और 10 अप्रैल को ही राज्य शासन ने न्यायिक जांच कराने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुमति मांगी।

आचार संहिता के कारण राज्य सरकार न्यायिक जांच की घोषणा नहीं कर सकती। भाजपा को इस संवेदनशील मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए और चुनाव आयोग के फैसले तक इंतजार करना चाहिए। कांग्रेस सरकार इस मामले पर गंभीर है और निष्पक्षता से घटना की जांच कराएगी। हम झीरम के पीड़ित हैं और हम किसी और के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

सीबीआई से क्यों डर रहे सीएमः नेता प्रतिपक्ष

इधर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा भीमा मंडावी की शहादत पर कांग्रेस जैसा आचरण कर रही है, उससे इस बात को बल मिला है कि मंडावी के काफिले पर हमला एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीतने पर भी मामले की सीबीआई जांच की घोषणा करने में सरकार जिस तरह का हील-हवाला कर रही है, इस आशंका को भी बल मिल रहा है कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार मामले से जुड़े अहम सुरागों से छोड़छाड़ कर हमले को कमजोर करने की फिराक में है। यह एक षड्यंत्र है, सीएम बघेल सीबीआई जांच से डर क्यों रहे हैं।

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