धमतरी: आज 21 वीं सदी में लोग जमीन से चांद तक पहुंच गए है लेकिन कुछ लोग आज भी ऐसे है जो तंत्र मंत्र और अंधविश्वास की जाल में फंसकर अपनी जिदंगी तबाह कर रहे है एक ऐसा ही एक मामला कांकेर जिले के चांदबोड़ी गांव का सामने आया है

जहां एक 13 वर्षीय युवती को पैर टूटने पर बैगा से इजाज कराना मंहगा पड़ गया.वही इलाज सही नही हो पाने से युवती का एक पैर पूरी तरह सड़ गल गया है जिसे अब काटना पड़ गया है.फिलहाल पीडित युवती का इलाज शहर के गुप्ता नर्सिग होम मंे किया जा रहा है और अब वह खतरे से बाहर है.

पीड़ित हिरौंदी मंडावी के पिता ने बताया कि 30 दिन पहले युवती साइकिल से गिर गई थी जिसकी वजह से उसके पैर की हड्डी टूट गई जिसे इलाज के लिए गांव के ही एक बैगा के पास ले जाया गया था और करीब 25 दिनों तक बैगा ने पैर पर कई तरह का लेप लगाकर कपड़े से पट्टी किया लेकिन पैर ठीक होने के बजाय उल्टा जख्म बढ़ता ही चला गया.हालात बिगड़ने पर इसे अब धमतरी शहर के गुप्ता नर्सिग होम लाया गया.हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी.लिहाजा युवती के पैर काटने पड़े.डाॅ.सुमीत गुप्ता ने बताया कि युवती की जान बचाने के लिए उसके पैर को काटने का फैसला लिया गया क्योंकि युवती के पैर पूरी तरह खराब हो चुके थे.वही डाॅ.सुमित गुप्ता का कहना है कि आज सांईस के दिन दुनिया में भी कुछ लोग जागरूकता के अभाव में इलाज कराने के लिए तांत्रिक या बैगाओ का सहारा ले रहे है जिसमें जान को खतरा हमेशा बना रहता है.

वैसे आज हर शहर से लेकर हर कस्बे में सरकारी अस्पताल मिल जाएंगे जहां पर निशुल्क इलाज भी होता है इसके आलावा सरकार स्मार्ट कार्ड और आयुष्मान भारत योजना जैसे योजनाओं के तहत बेहत्तर इलाज की मुकक्मल सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है पर बावजूद इसके लोग बैगा गुनिया के चक्कर में आकर खुद का नुकसान कर बैठते है इस घटना से उन तमाम लोगों को सबक लेने की जरूरत है.

 

source by 9star

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