बलरामपुर। सऊदी अरब में कमाने गए बलरामपुर जनपद के सिकन्दर बोझी के मजरा सुलताना निवासी श्रमिक युवक की करन्ट लगने से मौत हो गई थी जिसका 14 माह बाद शुक्रवार देर रात उसका शव घर पहुंचा।शनिवार को उसकी अंत्येष्टि की गई। श्रमिक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुलताना निवासी छंगा उर्फ मोतीलाल (24) पुत्र स्वर्गीय नंदलाल 17 जून 2016 को कमाई करने सऊदी अरब गया था। वह रियजा जेहरान शहर स्थित जूलूप मार्केट के लगभग 20 किलोमीटर दूर वाटीरेसा गांव में मजदूरी (कृषि कार्य) करता था। 12 फरवरी 2018 को करंट लगने से छंगा की मौत हो गई। छंगा के मौत की खबर घर वालों को तीन दिन बाद मिली। परिजन छंगा की अंत्येष्टि गांव पर करना चाहते थे। उन्होंने शव मंगाए जाने की प्रक्रिया शुरू की। राजू बताते हैं कि भाई का शव मंगाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मैं चार बार मिला। हर बार यही जवाब मिलता था कि प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जो भी कागज मांगे उसे जमा किया लेकिन शव नहीं आ सका। राजू का कहना है कि मैं लिखापढ़ी करके थक गया था। मुख्यमंत्री, सांसद व विधायक से पैरवी की पर शव लाने में कामयाबी नहीं मिली। चार दिन पहले सूचना मिली कि छंगा का शव शुक्रवार को हवाई जहाज से लखनऊ पहुंचेगा।

राजू ने बताया कि शुक्रवार देर शाम भाई का शव मुझे लखनऊ में दिया गया है। शव देर रात गांव पर लाया गया। शनिवार दोपहर अंत्येष्टि की गई। राजू ने बताया कि छंगा वादीरेसा गांव में मोहम्मद फर्रे के फार्म हाउस पर काम करता था। उसे हर माह 1600 रियाल मजदूरी मिलती थी। 16 माह की मजदूरी नहीं मिली है। एजेंट ने बताया था कि शव के साथ 70 लाख रुपए का चेक आएगा, लेकिन कुछ नहीं मिला। छंगा की पत्नी शांति व दो बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। राजू ने बकाया मजदूरी दिलाने की मांग प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर की है।

बलरामपुर ब्यूरो शैलेन्द्र बाबू
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