ढाका: बांग्लादेश में रविवार को हुए आम चुनावों में प्रधानमंत्री शेख हसीना जबर्दस्त जीत हासिल की है. देर रात आए नतीजों के बाद इसका ऐलान किया गया. इस दौरान हुई चुनावी हिंसा में 17 लोगों के मारे जाने की खबरें आईं. विपक्षी पार्टियों ने वोटिंक में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं साथ ही फिर से चुनाव कराने की मांग की है.

शेख हसीना की पार्टी ने 300 में से 260 सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की. वहीं, हसीना की पार्टी से गठबंधन करने वाली जतिया पार्टी ने 21 सीटें जीती. शेख हसीना इस तरह चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं.

हार को देखते हुए बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी एनयूएफ गठबंधन ने आम चुनावों के परिणाम को खारिज कर दिया है और निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के अधीन फिर से चुनाव कराने की मांग की है. एनयूएफ में मुख्य दल बीएनपी है. चुनाव आयोग के मुताबिक 300 संसदीय सीटों में से 299 सीटों पर चुनाव हुआ है, जिसके नतीजे भी आ गए हैं. इसके लिए 1,848 उम्मीदवार मैदान में थे. चुनाव के लिए 40,183 मतदान केन्द्र बनाए गए थे. एक उम्मीदवार के निधन के कारण एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ.

हसीना चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रही थी, जबकि ढाका जेल में बंद उनकी चिर प्रतिद्वंद्वी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा जिया का भविष्य अधर में ही अब लटक गया है. सूचनाओं के मुताबिक, जिया आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हैं.

मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहा. चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि आठ घंटे तक चली मतदान प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुयी. उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह तक गैर आधिकारिक परिणाम आने की उम्मीद है.

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि देश भर से उम्मीदवारों से सैकड़ों शिकायतें मिली. ‘डेली स्टार’ अखबार के मुताबिक, चुनाव से जुड़ी हिंसा में एक सुरक्षा बल सहित कम से कम 17 लोगों के मारे जाने की खबर है. दर्जनों लोगों के घायल होने की भी सूचना है. खबरों में कहा गया है कि मारे गए लोगों में अधिकतर सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता थे जबकि अन्य बीएनपी तथा उसके सहयोगी दल के कार्यकर्ता थे.

राजधानी के ढाका सेन्टर में सबसे पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वोट डाला था. हसीना के रिश्तेदार एवं पार्टी सांसद फजले नूर तापस इस सीट से चुनाव लड़ रहे थे. वोट डालने के बाद हसीना ने कहा, ‘मुझे हमेशा चुनाव में हमारी जीत का यकीन रहता है. मुझे अपने लोगों पर यकीन है और मुझे पता है कि वे हमें चुनेंगे ताकि उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके.’

बांग्लादेश में सभी स्कूलों और कॉलेजों को रविवार के लिए मतदान केन्द्र बनाया गया. लोग सुबह आठ बजे मतदान शुरू होने से पहले ही केन्द्रों पर कतार में लग गए थे. कम से कम 10 उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट को मतदान केंद्र से बाहर कर दिया गया . इनमें अधिकतर उम्मीदवार बीएनपी के हैं.

बीएनपी के रुहुल कबीर रिजवी ने आरोप लगाया कि देश के मतदान केन्द्रों पर कब्जा किया गया और उनकी पार्टी के एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया. रिजवी ने पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘हमें जैसा कि पता चला है, यह हिंसा वाला चुनाव है. हमें सरकार के इशारे पर एकतरफा चुनावी माहौल देखने को मिल रहा है.’

बीएनपी के महासचिव मिर्जा फकरूल इस्लाम आलमगीर ने कहा ‘उनकी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों का मतदान से दूर रहने का फैसला ‘निजी’ है लेकिन मतदान खत्म होने के बाद हम शाम चार बजे अपना रुख स्पष्ट करेंगे.’ हालांकि, मतदान खत्म होने के बाद भी कोई घोषणा नहीं की गयी . हजारों सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों सहित छह लाख सुरक्षाकर्मियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैनात किया गया. देश में 10.41 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त नूरुल होदा ने संवाददाताओं से कहा, ‘कुछ अप्रिय घटनाओं को छोड़कर मतदान सुचारू और शांतिपूर्ण रहा.’ सुरक्षा कारणों से अस्थायी तौर पर मोबाइल डेटा सेवाएं रोक दी गयी और इंटरनेट की रफ्तार धीमी कर दी गयी. बांग्लादेश में यह 11वां आम चुनाव है.

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