रायपुर: सीएम भूपेश बघेल ने अपने पहले बजट को किसानों पर सबसे ज्यादा फोकस वाला बताया. शुक्रवार को विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश किया. इसमें किसानों को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है. इसके साथ ही नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना को लेकर सरकार काफी संजीदा दिखाई दी.

यह बजट ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की भावना’ के अनुरुप पेश किया गया है. हालांकि विपक्ष ने पूरे बजट को कोरा करार दिया है और विकास को दरकिनार करने की बात भी कही है.

सीएम विधानसभा में बजट का पिटारा लेकर पहंचे, तो उनके हाथ में कत्थई ब्रिफकेस था, जिसे सबसे पहले मीडिया ने कवरेज दिया और सभी का अभिवादन स्वीकारते हुए सदन में पहुंचे. सदन में बजट पेश होने से पहले योजना और सांख्यिकी मंत्री टीएस सिंहदेव ने राज्य विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. इसके बाद भूपेष बघेल ने बजट पर अपना हस्ताक्ष किया और सदन के पटल पर बजट को रखा. विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बाद भपेश ने बजट भाषण की शुरुआत की.

आदमी के कल्याण के लिए बनाया गया बजट
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि आम आदमी के कल्याण के लिए बजट बनाया गया है. हम बजट का एक एक पैसा का सदुपयोग करेंगे. किसानों का करीब 4000 करोड़ रुपए का सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कर्जा भी माफ किए जाने की बात कही. विधायक निधि की राशि एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ की गयी है. 400 यूनिट तक का बिजली बिल आधा किया गया, जिसे 1 मार्च से लागू किया जाएगा. राज्य में सभी राशन कार्ड धारियों को 35 किलो चावल मिलेगा. साथ ही यूनिवर्सल फूड स्कीम भी लागू कर दिया गया है. नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना पर कार्य जोरों पर होगा. नाले के निर्माण के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी और तालाबों का संवर्धन कर पानी के अभाव को रोका जाएगा. गरूवा के तहत गौठानों का निर्माण, दुधारू पशुओं को संवर्धन की भरपूर कोशिश की जाएगी. घुरवा के तहत बायोगैस प्लांट निर्माण के साथ ही प्लांट का संचालन करने के लिए यवुा लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार भी दिया जाएगा. बाड़ी योजना में घर घर में उद्यानिकी पर जोर दिया जाएगा.

इसके अलावा फलदार वृक्षों को लगाए जाने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाएगा. साथ ही मुख्यमंत्री ने साफतौर पर कहा कि बजट को जन घोषणा के आधार पर बनाया गया है और आने वाले समय में अन्य वादों को पूरा किया जाएगा.

प्रदेश के विकास को पीछे ले जाएगा बजट : धरमलाल कौशिक
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए बजट को प्रदेश के विकास को पीछे ले जाना वाला बजट बताया. कांग्रेस सरकार ने चुनाव जीतने के लिए शराबबंदी का जो वादा किया था, उसे भी भूल चुकी है. बजट में शराबबंदी को लेकर भी कोई बात नहीं कही गयी. सम्पत्ति कर आधा करने का वादा किया गया था, जिसे भी बजट में पूरा नहीं किया गया. सबसे बड़ी बात सकल वित्तिय भार जो 9 हजार करोड़ था. वह अब बढ़कर 18 हजार करोड़ हो जाएगा, जिससे प्रदेश का विकास आगे बढ़ने के बजाय पीछे हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि सीएम भूपेश बघेल गरवा-नरवा की बात कहते हैं, लेकिन कहीं ये केवल लोकोक्ति बनकर न रह जाए. बहरहाल 15 साल बाद सत्ता में वापसी करने के बाद पहली बजट से जहां कांग्रेस काफी खुश दिखाई दे रही है, तो वहीं विपक्ष ने पूरे बजट को केवल निराशाजनक बताया. अब दखना होगा कि माहभर चलने वाले बजट सत्र में विपक्ष सत्तापक्ष को बजट पर घेरने में कामयाब हो पाती है या नहीं यह तो समय बताएगा.

कृषि में किसी भी तरह के व्यय का संधारण नहीं : बृजमोहन अग्रवाल
पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से विकास कार्य को रोकने वाला बजट है. बृजमोहन अग्रवाल ने सीधेतौर पर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की कृषि क्षेत्र में किसी भी तरह के व्यय का संधारण नहीं किया गया है और न ही कर्जमाफी पर सरकार का कोई ध्यान है. दीर्घकालीन ऋण पर किसी भी प्रकार की बात न करना सरकार की कमजोरी को दर्शाता है.

मितानिनों से लेकर हर हेल्थ सेंटर पर सरकार ने किया फोकस : स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने बजट को सकारात्मक कहा है और विपक्ष के बयान को नकारते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के बजट को कैसा रखना है, इसके लिए पहले से ही सोच सरकार ने बना रखी थी. इसमें मितानिनों से लेकर हर हेल्थ सेंटर पर सरकार ने फोकस किया है. इसके लिए बजट का प्रावधान भी किया गया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा जनघोषणा पत्र सरकार के लिए सोच का प्रतिबिंब है, जिसे फलीभूत करना पहली प्राथमिकता है. स्वास्थ्य के लिए सरकार निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहेगी.

 

source by eenadu

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