मुजफ्फरपुर (बिहार): विवाद के लिए बनी फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ ट्रेलर रिलीज होने के बाद धीरे-धीरे अपने मकसद की ओर बढ़ने लगी है. विवाद शुरू है और इस विवाद में अब इसमें कानूनी कार्रवाई का तड़का भी लग गया है. यहां की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका निभानेवाले अभिनेता अनुपम खेर समेत 14 कलाकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश स्थानीय थाने को दिया. मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) (पश्चिम) न्यायाधीश सब्बा आलम की अदालत ने अधिवक्ता सुधीर ओझा के एक परिवादपत्र की सुनवाई करते हुए फिल्म के अभिनेता अनुपम खेर सहित कुल 14 कलाकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच का आदेश मुजफ्फरपुर के कांटी थाना प्रभारी को दिया है. 

अधिवक्ता सुधीर ओझा ने बताया कि अदालत ने थाना प्रभारी को भादवि की धारा 295, 293, 153, 153 (ए), 504, 506, 120 (बी) तथा 34 के तहत सभी कलाकारों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. ओझा ने 2 जनवरी को अदालत में एक परिवादपत्र दायर कर फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की छवि खराब करने और देश की छवि से खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया है. परिवादपत्र में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह समेत देश के कई नेताओं की छवि को बिगाड़ने की नीयत से ही यह फिल्म बनाई गई है. फिल्म में देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ किया गया है. 

ट्रेलर रिलीज होते ही इस फिल्म पर विवाद जोर पकड़ने लगा है. इसमें भाजपा सांसद किरण खेर के प्रसिद्ध अभिनेता पति अनुपम खेर और भाजपा सांसद रहे चर्चित अभिनेता (दिवंगत) विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना ने प्रमुख भूमिका निभाई है. इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य देश को यह बताना है कि वर्ष 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार जाने के बाद कांग्रेस सत्ता में आई थी और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की तैयारी कर ली थी. उन दिनों जनता पार्टी के अध्यक्ष और पार्टी के इकलौते सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से अनुरोध कर ऐसा नहीं होने दिया. कांग्रेस को मजबूरी में अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाना पड़ा था.

संजय बारू की लिखी किताब पर बनी इस फिल्म की कहानी दर्शकों के गले उतरती है या नहीं, यह तो इसके रिलीज होने पर ही पता चलेगा. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए यह फिल्म बनवाई है और जब चुनाव में सिर्फ पांच महीने रह गए हैं, तब इसे रिलीज किया जा रहा है. 

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