नई दिल्ली : 2019 लोकसभा चुनाव में रालोसपा (RLSP) का एनडीए (NDA) से नाता टूटना लगभग तय हो गया। तीन दिवसीय राजनैतिक चिंतन शिविर में जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह मुद्दा गरमाया रहा। जिलाध्यक्षों, राज्य कार्यकारिणी व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने एक सुर में एनडीए के रिश्ता तोड़कर नए विकल्प तलाशने की बात कहीं। वहीं रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय राज्य मंत्री, मानव संसाधन विभाग उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें एनडीए में रहे या ना रहे, इसका फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया है। आज (गुरुवार को) मोतिहारी में वे बड़ी घोषणा करेंगे। यहीं से वे नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए शंखनाद करेंगे। 

कई जिलों के अध्यक्षों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि फैसला हो चुका है। अब एनडीए में रहने का सवाल ही नहीं है। लेकिन इस बात की घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही करेंगे। जिलाध्यक्षों का कहना था कि महागठबंधन ही विकल्प है। वहां मनचाही सीट भी मिलेगी। पांच से 10 सीट तक वहां रालोसपा को मिल सकती है। यह पार्टी के लिए खुशी की बात होगी। राज्य में महागठबंधन व एनडीए को नेताओं ने फिप्टी-फिप्टी की लड़ाई बतायी। कुशवाहा का उसमें शामिल होना वाक ओवर की तरह होने की संभावना जिलाध्यक्षों ने जताई।

उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को जदयू की बी टीम करार दिया है। बिना नाम लिए कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी चुनाव के समय राम मंदिर का मुद्दा उछाल रही है। राम मंदिर राजनैतिक मुद्दा नहीं है। मंदिर जिसे बनाना है वे बनाएं। लेकिन चुनाव को देखते हुए एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी धार्मिक उन्माद फैलाना चाह रही है। यह समय जनता के मौलिक सवालों के जवाब देने का है। कुशवाहा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर भी भड़के। कहा कि ये वही लोग हैं जो नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री नहीं बना देना चाहते थे। नीतीश कुमार के वे पिछलग्गू हैं।

रालोसपा सुप्रीमो ने कहा कि नीतीश कुमार सुशासन व जीरो टॉलरेंस की बात कह सत्ता में आए थे। उनके शासन में क्राइम, करप्शन व कम्युनिज्म चरम है। उनके डेढ़ दर्जन नेताओं व कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। यह क्राइम नहीं तो क्या है? करोड़ों रुपये का सृजन घोटाला हुआ और साम्प्रदायिकता भी चरम पर है। ऐसे में इस निकम्मी सरकार को एक मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता को नीतीश के कुशासन से रालोसपा मुक्ति दिलाएगी।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम व हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कोलेजियम सिस्टम खत्म होना चाहिए। इससे दलित-पिछड़ों के बच्चे जज नहीं बन पाते हैं। कोलेजियम सिस्टम में कुछ खास लोगों को ही जज बनाया जा रहा है। जजों की बहाली के लिए कम्पटीशन लिया जाय, इसमें पास होने वाले को ही जज बनाया जाय। वर्तमान समय में सुप्रीम व हाईकोर्ट में दलित व पिछड़ों की संख्या नहीं के बराबर है। 

 

source by LH

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